युवा वर्ग में बढ़ता जा रहा है घुटने का दर्द: जानें दो मुख्य कारण
युवा वर्ग में बढ़ता जा रहा है घुटने का दर्द: दो मुख्य कारण और समाधान
आज के ज़माने में कभी-कभी 30 वर्ष के भी कम उम्र के लोग अपने घुटनों में दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास आते हैं। यह समस्या पहले सिर्फ बुजुर्गों में ही देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण दो चीजें हैं – शरीर का अधिक वजन (ओबेसिटी) और हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स (तेज और ज्यादा मेहनत वाले खेल) के कारण चोटें।
मोटापा और शरीर पर दबाव
जब शरीर में अधिक वजन होता है, तो घुटने पर दबाव भी बढ़ जाता है। इससे घुटनों के जोड़ों की कार्टिलेज (गड्ढे) जल्दी खराब होने लगती है। लंबे समय तक भारी वजन होने से घुटनों में सूजन, दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है।
खेल-कूद के दौरान चोटें
आजकल हाई स्कूल, कॉलेज और प्रोफेशनल लेवल के खिलाड़ी तेज गति और कड़ी मेहनत से खेलते हैं, जिससे घुटनों में चोट लगने के खतरे बढ़ जाते हैं। ये चोटें अगर सही तरीके से इलाज न हों तो घुटने की स्थिति बिगड़ सकती है और उम्र बढ़ने के साथ गंभीर समस्याएं भी पैदा कर सकती हैं।
बढ़ती समस्या का आंकड़ा
अमेरिका में 45 से 64 उम्र के लोगों के बीच जोड़ों के ऑपरेशन (जैसे कि घुटने का रिप्लेसमेंट) में पिछले कुछ वर्षों में 240% तक की बढ़ोतरी हुई है। यह दिखाता है कि पैटर्न तेजी से खराब हो रहा है, खासकर युवा लोगों में।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
ऑर्थोपेडिक सर्जन बताते हैं कि अधिक वजन और चोट, दोनों ही जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिसके कारण लंबे समय में दर्द, सूजन और चलने में परेशानी होती है।
कैसे बचें घुटनों के दर्द से?
- स्वस्थ और नियंत्रित वजन बनाए रखें।
- व्यायाम और खेल-कूद में सही तकनीक अपनाएं।
- चोट लगने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज करवाएं।
- नियमित स्ट्रेचिंग और घुटनों की मजबूत एक्सरसाइज करें।
निष्कर्ष:
युवा दिनों में ही घुटने का दर्द होना एक गंभीर चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोटापा कम करना और खेल-कूद में सावधानी बरतना आपकी घुटनों की सुरक्षा कर सकता है। यदि दर्द हो तो समय रहते इलाज करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

